JCERT BOARD CLASS 8 CHAPTER 1 पुष्प की अभिलाष EXAM QUESTION & ANSWER

 नमस्कार दोस्तों आप सभी का इस पोस्ट में स्वागत है आज के इस पोस्ट में हम लोग पुष्प की अभिलाषा चैप्टर 1 JCERT Class 8th का प्रश्न उत्तर देखने वाले है साथ में इस पोस्ट में हम लोग परीक्षा में पूछे जाने वाले महत्पूर्ण प्रश्न भी देखेंगे हम अआप्से उम्मीद करते है की इस पोस्ट को आप अंत तक पढेंगे और पुरे नोट्स को समझेंगे और अपनी बोर्ड परीक्षा को मजबूत बनायेंगे |

दोस्तों इस पोस्ट में हम आपको पुष्प की अभिलाषा पाठ की सम्पूर्ण नोट्स देने वाले है इस नोट्स से आप अपनी पढाई को और मजबूत बनायेंगे इस नोट्स में हम आपको पाठ में पूछे जाने वाले प्रश्न के उत्तर के साथ साथ आपको परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्न भी है साथ में उसका उत्तर दिया हुआ है आप कम्पलीट नोट्स को यः से डाउनलोड कीजिये और अपने परीक्षा में अच्छे मार्क्स लेन की तैयारी में लग जाइये |

अगर आपको नोट्स को समझाने में किसी प्रकार की कोई उलझन हो तो आपको पोस्ट के आखरी में एक विडियो प्रोविडे किया जायेगा किसे देख कर आप आपनी उलझन दूर कर सकते है |


अध्याय 1 पुष्प की अभिलाषा 

JCERT CLASS 8TH 2023 

Question With Answer


शब्दार्थ:-
सुरबाला - अप्सरा 
इठलाना - नखरा करना 
मातृभूमि - अपना देश 
अभिलाषा - इच्छा 

पाठ के प्रश्न और उत्तर :- 
1. पुष्प की अभिलाषा कविता में पुष्प के दवारा क्या अभिलाषा व्यक्त की गई है |
उत्तर: पुष्प की अभिलाषा कविता में पुष्प के दवारा यह अभिलाषा व्यक्त की गई है की उसे मतुर्भूमि के लिए प्राण त्यागने वाले के पथ पर डाला जाये उसको किसी और तरह की कोई अभिलाषा है |

2. मातृभूमि से आप क्या समझते है |
उत्तर : मातृभूमि का अर्थ यह है की ऐसी भूमि जो हमारी माता के तरह जन्म से लेकर मुर्त्यु तक हमारी पालन पोषण करे |

3. कविता में पुष्प किन-किन चीजो की चाह नहीं करता |
उत्तर : पुष्प की अभिलाषा कविता में पुष्प अप्सराऔ का गहना नहीं बनना चाहती, न ही महान सम्राटो के शव पर चढ़ाना चाहती, और न ही देवी देवताऔं के सिर  पर चढ़ कर अपने भाग्य पर इठलाना चाहती | 

4. मुझे तोड़ लेना वनमाली 
    उस  पथ पर देना तुम फेंक 
    मातृभूमि पर शीश चढ़ाने 
    जिस पथ जाए वीर अनेक |  
इन पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए | 
उत्तर : इन पंक्तियों का आशय यह है की पुष्प अपने वनमाली से कहता है की हे वनमाली मुझे तोड़कर उस राहों में बिछा देना जिस रास्ते से हमारे वीर सैनिक अपने मातृभूमि के रक्षा के लिए जा रहे है | 

5. देवो के सिर पर चढ़ कर अपने भाग्य पर इठलाने से पुष्प क्यों बचना चाहता है ?
उत्तर : देवों के सिर पर चढ़ कर अपने भाग्ये पर इठलाने से पुष्प इशलिये बचना चाहता है क्योकि वह गर्व करने के उपरांत होने वाले घमंड रूपी दुर्गन से बचना चाहता है | 

परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्न 


1. पुष्प की अभिलाषा शीर्षक कविता के कवि है | 
    a. माखनलाल चतुर्वेदी 
    b. जयशंकर प्रशाद 
    c. सुमित्रा नंदन पंत 
    d. निर्मला पुतुल 

2. देव के पर्यायवाची  है | 
    a. मित्र 
    b. गिरी  
    c. ईश्वर  
    d. कनक  
    
3. 'पुष्प  की अभिलाषा' शीर्षक कविता में पुष्प की क्या इच्छा है
    a. सुरबाला के गहनों में गूँथना  
    b. सम्राटो के शव पर डाला जाना
    c. देवो को चढ़ाया जाना 
    d. मातृभूमि के वीर सपूतो के पथ पर बिछना 

4. पुष्प की अभिलाषा किस प्रकार की रचना है | 
    a. देशप्रेम 
    b. भक्ति  
    c. श्रृंगार 
    d. हास्य 

दोस्तों इस लेख में आपको पुष्प की अभिलाषा कविता का प्रश्न उत्तर के साथ पुरे नोट्स भी दिए गए है | जिसमे परीक्षा में पूछे जाने वाले भी प्रश्न दिए गए है अगर किसी प्रश्न में आपको कोई उलझन है तो आप निचे दिए गए वीडियो लिंक को देख कर अपनी उलझन दूर कर सकते है | फिर भी आपकी उलझन अगर दूर नहीं होती तो आप इस लेख के निचे कमेंट बॉक्स में अपना प्रश्न छोड़ सकते है | 


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